Search

Share Up To 110 % - 10% Affiliate Program

Thursday, January 1, 2015

जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है ?

जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है ?


एक युवा हो रहे किशोर ने एक Rich Businessman का ठाठ-बाट देखा और उससे inspire हो उसने सोचा कि मुझे भी इस व्यक्ति कि तरह धनवान बनना चाहिए,
फिर ये सोच करवह कई दिन तक उसी Rich Businessman कि तरह कमाई करने का प्रयास कियाऔर कुछ पैसे भी कमा लिए,पर इसी बीच उसकी भेंट एक विद्वान पुरुष से हुईवह किशोर विद्वान से प्रभावित हो कर कमाई करना छोड़ दिया और विद्वान बनने के लिए पढ़ने में लग गयाअभी वह थोड़ा-बहुत ही सीख पाया था कि उसकी भेंट एक संगीतज्ञ से हो गईउस संगीतज्ञ से मिल कर उसे संगीत में अधिक आकर्षण लगाउस दिन से उसने Study बंद कर दीऔर Music  सीखना आरम्भ कर दिया.... 
इसी प्रकार वह हर बार नयी चीजों से आकर्षित होता रहता और पुराने को छोड़ता जाता...

इस तरह उसकी काफी उम्र बीत गई पर न तो वह पैसे
 वाला बन पायान ही विद्वानन संगीतज्ञ समाजसेवी और न ही एक नेता
एक दिन अपने कुछ न बन पाने के इस दुःख को उसने एक महात्मा को बतायामहात्मा ने उस कि बात सुन कर कहा-“ बेटा सारी दुनियाँ में तरह-तरह का आकर्षण भरा पड़ा हैतुम एक निश्चय करो कि तुम्हें क्या पाना है या बनना है और जीते जी उसी पर अमल करोतुम्हारी उन्नति अवश्य होगीकई जगह गड्ढ़े खोदोगे तो न पानी मिलेगा और न कुआँ बना पाओगे,” युवकमहात्मा जी कि कही बात का संकेत समझ गया और फिर एकनिष्ठ भाव से एक लक्ष्य निर्धारित करउसे प्राप्ति में लग गया !!!!
दोस्तों
जब आप सुबह घर से निकलते हैं तो आपको पता होता है कि आपको कहाँ जाना है और आप वहां पहुँचते हैं , सोचिये अगर आपको यह नहीं पता हो कि आप को कहाँ जाना है तो भला आप क्या करेंगे? इधर उधर भटकने में ही समय व्यर्थ हो जायेगा. इसी तरह इस जीवन में भी यदि आपने अपने लिए लक्ष्य नहीं बनाये हैं तो आपकी ज़िन्दगी तो चलती रहेगी पर जब आप बाद में पीछे मुड़ कर देखेंगे तो शायद आपको पछतावा हो कि आपने कुछ खास achieve  नहीं किया!! लक्ष्य व्यक्ति को एक सही दिशा देता है. उसे बताता है कि कौन सा काम उसके लिए जरूरी है और कौन सा नहीं.  यदि goals clear हों तो हम उसके मुताबिक अपने आप को तैयार करते हैं. हमारा subconscious mind हमें उसी के अनुसार act करने के लिए प्रेरित करता है. दिमाग में लक्ष्य साफ़ हो तो उसे पाने के रास्ते भी साफ़ नज़र आने लगते हैं और इंसान उसी दिशा में अपने कदम बढा देता है !!!!

दोस्तों  अर्नोल्ड एच ग्लासगो का कथन  “फुटबाल कि तरह ज़िन्दगी में भी आप तब-तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक आपको अपने लक्ष्य का पता ना हो.”  मुझे बिलकुल उपयुक्त लगता है. तो यदि आपने अभी तक अपने लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया है तो इस दिशा में सोचना शुरू कीजिये.



-----------------------------------------------------
-----------------------------------------------------

No comments:

Post a Comment